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कैसे अच्छे इंसान बनें
Kaisa achhe person hota hai
एक अच्छा इंसान होने का अर्थ दूसरों के लिए कुछ करने से कहीं अधिक हैं। सृष्टि में सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार कर पाने के पहले जरूरी है कि पहले आप स्वयं को स्वीकार करें और स्वयं से प्रेम करें। स्वयं को एक बेहतर इंसान बनाने के लिए आगे दी हुई कुछ सलाहों का उपयोग करें।
Rule 1* स्वयं में सुधार करना
Apane me sudhar karna
पहचानें कि एक अच्छा इंसान होने का आपके लिए व्यक्तिगत रूप से क्या अर्थ है: कुछ लोगों को लगता है कि अच्छा इंसान होने का सीधा-सादा अर्थ है किसी को कोई नुकसान ना पहुँचाना। लेकिन आप क्या नहीं करते इससे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि आप दूसरों के लिए क्या करतें हैं। अच्छा इंसान होने का यह अर्थ भी है कि आप स्वयं की भी उतनी ही सहायता करें जितनी आप दूसरों की करते हैं। आपको निर्णय करना होगा कि आपके अनुसार अच्छा इंसान होना क्या होता है।
आपका आदर्श इंसान क्या है?
ऐसे गुणों की सूची बनायें जो आपके अनुसार एक अच्छा और आदर्श इंसान बनातें हैं। इन गुणों के द्वारा अपना जीवन व्यतीत करना शुरू करें।
क्या आप बदलें में कुछ चाहतें हैं? क्या आप ये सब इसलिए कर रहें हैं क्योंकि ऐसा करके आप अच्छे दिखेंगे? या आप ये सब चीजें इसलिए कर रहें है की आप सच में कुछ देना और मदद करना चाहतें हैं? किसी स्वार्थ को आगे रखना बंद करें और बिना बदले में कुछ चाहे देने का व्यवहार अपनाएँ।
Rule 2*किसी अनुकरणीय इंसान का चुनाव करें:
Kisi anukarniye insan ka select kare
अनुकरणीय इंसान का होना आपको किसी की ओर देखने का अवसर उपलब्ध करवाता है। इस इंसान में वे गुण होने चाहिए जिनकी आप स्वयं के लिए कामना करते हैं। उन तरीकों पर सोचें जिनकी सहायता से आप स्वयं द्वारा प्रशंसित गुणों को अपना सकते हैं। सोचें कि कैसे इन आचरणों को आप अपने काम, रचनात्मक गतिविधियों, व्यक्तिगत संबंधों, आहार और जीवनचर्या में लागू कर सकते हैं]
आप किस की तरफ देखते हैं और क्यों? वे दुनिया को रहने के लिए कैसे एक बेहतर जगह बना रहें हैं, और आप ऐसा कैसे कर सकते हैं?
आप उनके किन गुणों की प्रशंसा करते हैं, और आप भी वैसे ही गुणों का विकास कैसे कर सकते हैं?
किसी मित्रवत फ़रिश्ते की तरह जो हमेशा आपका साथ देता है, अपने अनुकरणीय इंसान को अपने नजदीक रखें। सोचें कि वे कैसे किसी प्रश्न या परिस्थिति में प्रतिक्रिया करते, और वे ऐसा क्यों करते।
Rule 3*दूसरों से स्वयं की तुलना करना बंद करें:
Dusare se comprising na kare
समझने का प्रयास करें कि कुछ लोगों के पास ये आपसे बेहतर है, पर कइयों के पास ये आपसे बहुत बदतर है। जब हम दूसरों से अपनी तुलना कर के खुद को दुखी बनाते हैं, तो हम अपना समय और ऊर्जा बर्बाद कर रहें हैं जिसका उपयोग हम अपने आंतरिक संसाधनों के निर्माण में कर सकते थे। हर सुबह खुद का अभिनन्दन करें। खुश रहना आपको अधिक सकारात्मक इंसान बनाता है, जिससे आपको उन सकारात्मक स्पंदनों (वाइब्ज़) को विश्व में प्रसारित करने में सहायता मिलती है।
आपके पास अपने स्वयं के अद्वितीय उपहार और कौशल हैं। किसी और के उपहारों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, अपने अद्वितीय उपहार और कौशल को दुनिया के साथ बांटने पर ध्यान केंद्रित करें।
Rules4* स्वयं से प्रेम करें:
swanm se love or prem
हर संभव तरीके से खुद से प्रेम करना सीखें।बेशर्त आत्म स्वीकृति का अभ्यास करें। दूसरों से सच में प्रेम करने का एकमात्र तरीका है कि पहले आपमें आत्मविश्वास हो और आप खुद से प्रेम करें। आप क्या करते हैं और क्या विश्वास करते हैं, इससे आपको और दूसरों को अच्छा महसूस होना ही चाहिए। ये आप अपना ध्यान रखे बिना दूसरों के लिए कुछ करने का प्रयास करते हैं, तो अंत में आप आक्रोशित, नाराज और नकारात्मक महसूस कर सकते हैं। यदि आप स्वयं से प्रेम करते हैं, तो जब आप किसी की मदद करेंगे एक सकारात्मक प्रभाव बनाएंगे।
क्या आप सतही तौर पर अच्छे इंसान की तरह अभिनय कर रहे हैं? यदि आप अंदर से नाराजगी और आत्मघृणा से पीड़ित हैं, तो अपने सभी बाहरी कृत्यों के बाद भी आप एक अच्छे इंसान नहीं बन सकते।
Rules5* आप जो हैं वही रहें:
Jaisa hai waisa rahe
हमेशा आप जो है वही रहना है याद रखें और वह कभी नहीं जो आप नहीं हैं। किसी और की तरह बनने की कोशिश ना करें; बस जो हैं वही रहें और उतने सादा तरीके से अच्छे काम करें जितने का आप प्रबंधन कर सकें। जो आप है बस वही रहना आपको ऐसा खरा इंसान बनने में सहायता करता है जो दुनियाँ में सकारात्मकता का प्रसार करता है। स्वयं के प्रति सच्चे रहना आपको अपने बुनियादी मूल्यों और आपके लिए महत्वपूर्ण क्या है इन पर ध्यान केंद्रित करने में सहायता करता है।
Rules6* प्रार्थना और/या ध्यान करें:
Ishwar ka aasan kare
उच्च शक्ति से प्रार्थना या ध्यान करना आपकी उन गुणों के विकास में सहायता करता है जिन्हे आप स्वयं में आत्मसात करना चाहते हैं। ध्यान और प्रार्थना आपको आंतरिक शांति की प्राप्ति और स्वयं के अंतर्मन पर ध्यान केंद्रित करने में सहायता कर सकतें हैं।
जैसे जैसे आप अपनी आंतरिक जागरूकता बढ़ाते हैं, आप समझने लगते है कि आप वास्तव में क्या चाहते हैं और अपने जीवन में स्पष्टता को पा लेते हैं। जैसे जैसे आपकी आंतरिक शांति बढ़ती है, आप अधिक सकारात्मक महसूस करते हैं, जो आपको एक बेहतर इंसान बनने में सहायता करता है।
एक निजी, सुरक्षित ऐसे स्थान को खोजें जहाँ आपका मन भटकाने का कोई कारण ना हो। किसी सुविधाजनक आसन में बैठ जाएँ। अपने मस्तिष्क के सभी विचारों को साफ़ करे और कुछ गहरी धीमी साँसे लें। अपने दिमाग के विचारों की समीक्षा करें। कुछ महसूस ना करें या प्रतिक्रिया दें, बस समीक्षा करें। ये ध्यान टूटता है, सिर्फ दस तक गिनें। ध्यान करें जब तक आप अपने अंतर्मन को स्वच्छ और ताजगी भरा महसूस ना करें।
Rules7* छोटे परिवर्तन करें:
Small parivartan
रातों रात कोई बदल नहीं सकता। परन्तु छोटे परिवर्तन भी बहुत बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन ला सकतें हैं। हर एक या दो माह में छोटे लक्ष्य निर्धारित करें और उन एक या दो आदतों पर ध्यान केंद्रित करें जिन्हे आप बदलना चाहते हैं।
उदाहरण के तौर पर लक्ष्य
i: मैं दूसरो को बीच में मौखिक या अमौखिक बढ़ा उत्पन्न किये सुनूँगा। सोचे कि यह आपके लिए कितना निराशाजनक हो सकता है जब दूसरा इंसान आपकी बात बीच में ही काट के बोलने लगे जैसे उसे फिर मौका ही नहीं मिलेगा।
लक्ष्य ii: दूसरे इंसान को क्या खुश कर सकता है यह सोचने की मैं सबसे अच्छी कोशिश करूँगा। यह किसी भूखे या प्यासे इंसान के साथ अपना भोजन या पेय बाँट लेना हो सकता है, जहाँ आप बैठना चाहते हैं वहां किसी और को बैठ जाने देना या ऐसा ही कुछ और।
Rules8*हर रोज अपने लक्ष्यों का पुनरीक्षण करें:
Everyday target revision kare
एक अच्छा इंसान बनने के अपने मिशन को शुरू करने के लिए, इस सूची और अपने आदर्शों को रोज पढ़ें। इसे अपना हिस्सा बना लें। दिशा-निदेशों का पालन करें और कुछ अपने स्वयं के कदम भी इस में जोड़ लें।
अपना नज़रिया सकारात्मक रखें
Rules9* चीजों के उज्जवल पक्ष को देखने का प्रयास करें:
koi bhi chiz achhe tarah se dhekhe
हर परिस्थिति में अपने सकारात्मक नज़रिये को लाएं। नकारात्मकता आपको और दूसरों को सिर्फ चोट पहुँचाती है।यदि आप नकारात्मक हैं, यह आपके दूसरों से पेश आने के तरीक़े में दिखाई देता है। हमारी सोच हमारे दिनों के नतीजों को प्रभावित कर सकती है। अगर कुछ आपके चाहे अनुसार नहीं होता है, तो आप जो बदल सकते है उसे बदलने का प्रयास कीजिये, मुस्कुराइए, सकारात्मक रहिये, और आगे बढ़ जाइए।
Rules10* क्रिस्टोफर्स का सिद्धांत कहता है:
Law of Christopher says
"सिर्फ एक मोमबत्ती जलाना अँधेरे को कोसने से बेहतर है।" वह रौशनी बनें। जब आप कोई विवाद देखें, तो वह बनने की कोशिश करें जो हल सुझा कर विषय को बदल देता है। आप क्या करेगें यह ना बताये, पर सभी को शामिल होने के लिए कहें।
Rules11* किसी और के लिए दान-पुण्य का कार्य करें:
Work Dan punye Jaisa hona chahiye
किसी के लिए रोज कुछ अच्छा काम करने का प्रयास करें, भले ही यह एक छोटा सा ही काम हो।दयालुता और सदाशयता का कार्य दूर तक साथ देता है। मुस्कुराइए, किसी के लिए दरवाजा खोल के रखिये, किसी पीछे वाली कार का टोल टैक्स चूका दीजिये - बस ऐसा कुछ करने की कोशिश करिये कि दुसरे का दिन बन जाए।
उन लोगों की तरफ भी हाँथ बढ़ाएं जो आपके प्रति उदासीन रहे हों। अपने प्रति रूखापन रखने वाले व्यक्ति को अपनी दयालुता दिखाएँ। हो सकता है लोग उन के प्रति हमेशा रुखा व्यवहार करते हों। आप उस के बजाय दयालुता रखने वाले इंसान बनें।
Rules12* इस बात का ध्यान रखें कि हर बार जब आप जगह छोड़े तो दुनियाँ एक बेहतर जगह हो:
Jagah hamesha behatar hota hai
आप जब भी दुनियाँ के संपर्क में आते हैं तो आपके पास कुछ अच्छा और सकारात्मक करने का मौका होता है। यह कुछ बड़ा हो ऐसा जरूरी नहीं है, पर कुछ ऐसा जैसे लोकल पार्क में या अपने पड़ोसी के घर के सामने फेकें गएँ कचरे को उठा लेना।ईमानदार बनें और दुनियाँ को वापस देने के रास्ते खोजें।
Rules13* सकारात्मक परिवर्तन करने के कुछ आसान तरीके हैं:
Positive think se parivartan
रीसाइक्लिंग
आर्गेनिक और स्थानीय उत्पादित पदार्थों को खरीदें
जिम्मेदार पालतू जानवर के मालिक बन कर उनकी सफाई के बाद अपनी सफाई करें।
Not taking the closest parking space so you leave it for someone who needs it more
स्टोर में डालने की बजाय किसी धार्मिक सहायता संस्थान या अनाथालय/रैन-बसेरों में अपने पुराने सामान का दान करें।
सबसे पास की पार्किंग न लेना ताकि कोई अधिक जरूरतमंद उसका उपयोग कर सके।
Rules14* धीमे हो जाएँ:
Slow motion chale
जीवन में जल्दी में ना रहें। रफ़्तार कम करें और सीढ़ी-सादी चीजों का आनंद लें। समय वह साधन है जो हमें अपने दिनों को सुनियोजित करने में सहायता करता हैं। कई बार आपको समय का पालन करना होता है, जैसे जब आप काम पर जा रहे हों या अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहे हों। पर जब आप समय पर वचनबद्ध ना हों, तो वर्तमान पल में जीना सीkhe saाथ धैर्यवान बनें। उनके बारे में सबसे बुरा सोचने की बजाय सर्वश्रेष्ठ सोचें। ऐसा न मानें कि जो व्यक्ति अभी अभी आपको धक्का मार के आगे बढ़ गया वो मूर्ख है, समझें कि संभव है कि वह अपने काम पर जाने या बच्चो को लेने जाने में लेट हो गया हो।
स्टोर तक जाते समय वापस आने की जल्दी में ना रहें। जाते समय आस-पास के दृश्यों का आनंद लें। जब आप स्टोर में हों, सभी उपलब्ध रंग बिरंगे फल सब्जियों को देखें जो आपके पोषण के लिए वहाँ हैं, और समझें कि दूसरे कई लोग इन लाभों को लेने के लिए आप जितने भाग्यशाली नहीं हैं। थोड़े अतिरिक्त फलों को गरीबों में बाँट देने के लिए खरीदें। मैनेजर को बताएं की उक्त खाद्य अच्छा ना होने की वजह से हटा दिया जाना चाहिए।
कार का हॉर्न सिर्फ आपातकाल में उपयोग करें। इसे किसी कमजोर बुजुर्ग इंसान जिसे देखने में भी कठिनाई हो या कोई जो बहुत धीमे गाड़ी चला रहा हो उस पर इस्तेमाल ना करें। समझे की ड्राइवर पाना समय ले रहा है ताकि वह स्वयं को या किसी और को नुकसान ना पहुचाएं। अगर वे आपके पास से बड़ी तेजी से गुजर जाएँ तो समझें कि वे किसी महत्वपूर्ण काम के लिए जल्दी में होंगे। और वे ना भी हों तो, पहले से नकारात्मक भावनाओं में इजाफा किस लिए करना?
गुस्सा सिर्फ गुस्से को जन्म देता है।
Rules15* क्षमाशीलता का अभ्यास करें:
Dayashil bane
किसी को क्षमा करना एक मुश्किल काम हो सकता है। यह समझ लेना कि लोग इंसान होते हैं और गलती करते हैं आपको नकारात्मकता से ओर होने में सहायता करता है ताकि आप किसी को माफ़ करके आगे बढ़ सकें।
जब क्षमा करते हैं तो आप असंतोष से मुक्त हो जातें हैं जो क्रोध, कड़वाहट और अशांति को जन्म दे सकता है। क्षमाशीलता आपको दूसरों के प्रति अधिक सहानुभूतिशील बनाती है।
Rules16*ईमानदार बनें:
Honest made
झूठ बोलना विश्वास को तोड़ता और रिश्तों को बर्बाद करता है। झूठ बोलने के बजाय, अपने आस-पास के लोगों के साथ ईमानदार बनें।
अच्छे इंसान जो महसूस करते हैं और सोचतें है उस पर ईमानदार और सीधे होतें हैं। झूठ बोलने या अन्य लोगों को शामिल करने की बजाय, उन लोगों से बात करें जो आपको चिंतित करते हैं।निष्क्रियता के साथ आक्रामक ना ह३]
सत्यनिष्ठा रखें। अपने शब्दों का कुछ अर्थ अवश्य बनायें। यदि आप कहते हैं कि आप कुछ करने वाले हैं, तो अपना वायदा पूरा करें। अगर ऐसी परिस्थतियाँ बने जब आप ना कर पाएं, तो ईमानदारी और सच्चाई से उस व्यक्ति को सीधे सीधे बता दें।
ईमानदार होने का अर्थ कठोर या क्रूर होना नहीं है।
Rules17* इन छोटे भावों को रोज की आदत बना लें:
In chote bate everyday lagu life me
सीधी-सादी चीजें करना, जैसे किसी की तरफ देख के मुस्कुराना या किसी अजनबी के लिए दरवाजा खुला रखना, आपको एक बेहतर इंसान बनने में सहायता करेगा। जल्द ही उदारता के ये छोटे छोटे कृत्य एक आदत बन जायेंगे जिस पर आपको सोचना भी नहीं पड़ेगा।
Rules18* समानुभूति रखने वाले बनें:
Sympathy man rahe
दूसरों से व्यवहार में यदि आप दयालु, समझने वाले और सहानुभूतिपूर्ण हैं तो समझें कि ये आपके दूसरों के प्रति प्रेम और ध्यान देने का नजरिया है। खुद को दूसरों की जगह रखना और उनके परिपेक्ष्य में चीजें देखने का प्रयास करें।
खुद से पूछें, "मुझे कैसा लगता अगर मैं उसकी जगह होता?" फिर आप उस आदमी की भावनाओं को दिमाग में रख के काम करेंगे। यह आपके शब्दों और कामों में दिखेगा। दूसरो को अच्छा दिखने के दिए दयालु ना बने, बल्कि ऐसा इसलिए ज्यादा करें की आपके निस्वार्थ काम दूसरों को लाभ पंहुचा सकते है।
यदि आप सिर्फ कूटनीतिक होना चाहते हैं तो यह बहुत अच्छे से काम नहीं करेगा। "एक शांत जीवन के लिए कुछ भी" जैसी नीति ना अपनाएं।
दूसरों से बात-चीत करना
Dusare se bat Kaisa
Rules19* अपने आस-पास के सब लोगों को स्वीकार करें:
Almost neighbours samman de
अच्छा इंसान होने का हिस्सा आलोचनात्मक होना नहीं है। आप जाति, उम्र, लैंगिक-रुझान, लैंगिक पहचान, या संस्कृति को पीछे छोड़ कर सबको स्वीकार करें। समझें कि सबकी भावनाएं होती हैं, हर इंसान मान्य है, और हर किसी के साथ हमेशा सम्मानपूर्ण व्यवहार होना चाहिए।
बुजुर्गों के लिए सम्मानपूर्ण बनें। समझें कि एक इन आप भी बूढ़े होंगे और आपको भी सहायता की जरूरत पड़ेगी। अगली बार जब आप मॉल, पार्किंग या कहीं भी जाएँ, तो देखें कि कहीं बुजुर्ग किसी बात को लेकर परेशान तो नहीं है, जैसे बैग उठाना, या किराने के सामान को कार में डालना, आदि। पूछें, "क्या मैं इसमें आपकी मदद कर सकता हूँ?" आप वरिष्ठों के लिए अतिमूल्यवान सेवा कर रहे होंगे। कभी कभी आपको कोई ऐसा भी मिलेगा जो आपका प्रस्ताव ठुकरा देगा; सीधे से कहिये, "मैं समझता हूँ, आपका दिन शुभ हो।" या जब आप बाहर हो और किसी बुजुर्ग को अकेला देखें, तो विनम्र मुस्कराहट के साथ उनका अभिवादन करें और पूछें वे कैसे हैं। सिर्फ किसी का स्वीकरण उनका दिन बना सकता हैं।
बौद्धिक विकलांगता से पीड़ित लोगों के प्रति करुणामय बनें। उन लोगों में भी भावनाएं होती हैं। उन्हें बड़ी सी मुस्कराहट से अभिवादित करें और एक इंसान की तरह उनसे व्यवहार करें। यदि और लोग ऐसे लोगो से आपकी बात-चीत पर मुस्कुराते या हँसतें हैं, उन्हें अनदेखा करके आपका ध्यान उस व्यक्ति की तरफ रखे जो आपका सच्चा मित्र है।
दूसरे धर्मों के प्रति जातिवादी,असहिष्णु या समलैंगिकता विरोधी ना बनें। दुनियाँ विविधताओं से भरी एक बड़ी जगह है। दूसरों से सीखें और विविधताओं का उत्सव मनाएं।
Rules20* अपने गुस्से को नियंत्रित करें:
angry man na bane
जब आप किसी से बहस कर रहे हो, अपने गुस्से पर नियंत्रण करने का प्रयास करें। जब आप किसी मित्र से बहस कर रहे हों तो कुछ छुपाएँ नहीं और ना ही असभ्य बनें। हल निकलने के लिए उनसे बात करें। सबसे बेहतर है कि ईंट का जवाब पत्थर से ना देकर आप दोनों सोचने का आवश्यक समय लें। कहें, "मैं इस बात को तुम्हारे साथ सुलझाना चाहता हूँ, क्योंकि तुम बहुत अच्छे दोस्त हो। हम थोड़ा समय लेकर इस पर सोचते हैं।
Rules21* दूसरों पर आरोप ना लगाएं:
Any no complaint
जो आपकी ग़लती है उसे स्वीकार करें, दूसरों से उन कारणों पर बात करें जिनकी वजह से आप निराश हुए। लेकिन किसी पर आरोप लगाना नकारात्मकता और असंतोष को बढ़ावा देता है।
अगर आप अपने गुस्से से छुटकारा नहीं पा सकते, तो अपनी भावनाएं लिख कर, ध्यान करके या अपने विचार प्रबंधित करके उसे दूर करने की कोशिश करें।
जब कोई गुस्से में हो तो उसे तर्कहीन बात करके सुधारने की कोशिश ना करें। सिर्फ उदारता से सुनें और चुप रहें। उनसे कहें,"तुम्हे ऐसा लग रहा है इसका मुझे दुख है, क्या मैं तुम्हारी मदद के लिए कुछ कर सकता/सकती हूँ?"
लोगों की तारीफ करें: लोगों से अच्छी बात कहना सकारात्मकता फ़ैलाने का एक आसान तरीका है। किसी सह-कर्मी के नए हेयर-कट को सराहें या किसी अजनबी के कुत्ते की तारीफ करें।
उन मित्रों की तारीफ करें जिनसे आप जलते हों। जहाँ उचित हो वहां श्रेय देना सम्मानपूर्ण होता है, और आप भी अपने लिए ऐसी उपलब्धि पर ऐसा ही सम्मान चाहते।
Rules22* एक बेहतर श्रोता बनें:
A best listen
लोग दूसरों की बात मुश्किल से ही सुनते हैं। हर कोई महत्वपूर्ण लगना चाहता है और समझना पसंद करता है कि उसके होने का कोई अर्थ है। लोगों को सुनने का समय निकालें।
व्यक्ति द्वारा कहीं बात का अनुसरण करें। आस-पास की गतिविधियों से या मोबाइल फ़ोन से खेल कर अपना ध्यान ना भटकने दें।
व्यक्ति और बातचीत में व्यस्त हो जाएँ। विषय के अनुसरण में प्रश्न पूछें; यह उन्हें समझने में सहायता करेगा कि आप उनकी बात पर ध्यान दे रहे हैं।
Rules23* दूसरों के अच्छे गुणों और विजयों का जश्न मनाएं:
Kisi success me happy rahe
दूसरों के प्रति दयालु और उदार बनें, उन्हें उनके होने के लिए पसंद करें। दूसरों के साथ कुछ अच्छा हो तो जश्न मनाएं जलें नहीं। सहायक और उत्साहवर्धक बनें।
जलन से पर पाना मुश्किल है। समझने की कोशिश करें की आपके पास वही होना जरूरी नहीं जो दूसरों के पास है। दूसरों से जलना बंद करने की कोशिश करें।
Rules24* अनुकरणीय इंसान बनें:
Anukarniye insan made
अपने जीवन को ऐसे जियें जो दूसरों को प्रेरित करे।अपने जीवन और सिद्धांतों को दूसरों से बाँटे। ऐसे किसी इसान को तलाशें जिसके लिए आप अनुकरणीय हो सकें। अपने जीवन जीने के तरीके पर सावधान रहें ताकि आप हमेशा ऐसे काम करें जिस पर कोई गर्व कर सके। छोटों को जीवन जीने के लिए अच्छे नैतिक मूल्य दें और उन्हें नैतिकता का महत्व समझाएं। कभी कभी आपको ऐसा लगेगा कि आपके प्रयास बेकार हो गए, पर समझें कि आपने उनके दिम्माग में अच्छे बीज बो दियें है, और इसकी प्रतिक्रिया आने में थोड़ा समय लग सकता है।
छोटी शुरुवात करें। किसी छोटे बच्चो को प्रशिक्षण देने के कार्यक्रम में भाग लें।, छोटे बच्चों की टीम के स्पोर्ट्स कोच बने, शिक्षक बनें या घर के छोटे सदस्यों के लिए आदर्श बनें।
Rules25* बाटें:
Jiwan me ye chije divided kare
अपनी संपत्ति, अपनी सकारात्मकता, और अपनी खुशियां बाटें। भावनात्मक रूप से कंजूस ना बनें। उदार और उत्साहजनक बने। अपना ज्ञान बाटें। अपने अवसर बाटें। अपना समय बाटें।
अपना भोजन दूसरों से बाटें। पिज़्ज़ा या मीट का सबसे बड़ा टुकड़ा कभी ना लें।
Rules26* सबका सम्मान करें:
Everything samman de famous man ki pahchan
सबके लिए न्याय संगत बनें। सबके साथ दया का व्यवहार करें, और किसी के साथ क्रूर या कठोर ना बनें, चाहे वे आपसे सहमत ना हों। किसी को धौंस न दिखाएँ। इसके बजाये उसका साथ दें जिस पर कोई धौंस जमाये।
किसी के बारे में उसकी पीठ के पीछे बात ना करें। खरे इंसान बनें। अगर आपको किसी से कोई समस्या है, तो उनका सामना सम्मानपूर्ण ढंग से करें। जब वे आसपास ना हो तो उनके बारे में बुरी बातें ना फैलाएं।
किसी की अन्यायपूर्ण ढंग से आलोचना ना करें। आप नहीं जानते कि उन्हें किन परिस्थितियों ने घेर रखा है। लोगों को संदेह का लाभ दें, और उनके चुनावों का सम्मान करें।
दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करें जैसा आप अपने लिए चाहते हैं। इस स्वर्णिम नियम को याद रखें। ब्रह्माण्ड में वैसी ही ऊर्जा उत्सर्जित करें जैसी आप वापस पाना चाहते हैं।
सम्मान का विस्तार आपके परिवेश तक भी होता है। फर्श पर कचरा न फेकें, जानबूझ कर चीजों को अव्यवस्थित ना करें और बहुत जोर से या अप्रिय तरीके से ना बोलें। इस बात का सम्मान करें की दूसरे लोग भी आपके साथ उसी जगह को बांटते हैं।
Rules27* सलाह
Advice le or suggestion de bhi
आप गलतियां कर सकते है पर कभी भी एक ही गलती को ना दोहराएं। अपनी गलतियों से सीखें और मजबूत इंसान बनने में स्वयं की सहायता करें।
याद रखें, खुश होना एक मानसिक स्थिति है। दुनियाँ में हम सिर्फ एक चीज को नियंत्रित कर सकते हैं वो है हम खुद, इसलिए खुश रहने को चुने और जानबूझकर सकारात्मक मानसिक स्थिति बनाये रख के स्वयं को नियंत्रित करें।
जब लोग आपको नीचे दिखाने की कोशिश करें तो उन्हें जवाब ना दें और उनकी बात को दिल पर ना लें। इसके बजाय हँसे या उस बात से पल्ला झाड़ लें, या सीधे कहे कि आपको दुःख है कि वो ऐसा महसूस करते हैं। यह उन्हें दिखा देगा कि आपको उनके स्तर पर नहीं उतारा जा सकता और आपको कठोर, आक्रामक और बुरा आदमी बनने से भी बचा लेगा। कहने की जरूरत नहीं, जब वो देखेंगे कि आप कितनी अच्छी तरह स्थिति सँभालते है, तो आपके प्रति आक्रामक लोग भी पीछे हट जाएंगे या आपको बेइज्जत करने में रूचि खो देंगे।
Rules28*चेतावनी
Order request
याद रखें की आप फिर भी इंसान हैं - जब तक आप जीवित हैं, कभी कभी आप में गलती करने की प्रवत्ति होगी; इसमें कोई हर्ज नहीं है। अपना सर्वोत्तम प्रयास करें, और यदाकदा जब आप गलती करें या उतने अच्छे ना हो पाएं जितना आप चाहते हैं, तो खुद का ध्यान दूसरों की सोच पर अपनी सोच के जितना ही वापस ले आएं।
जितना संभव हो, इन चीजों के बारे में हँसने की प्रवत्ति रखें - उन गलतियों के बारे में जो आपने की हैं और उन त्यागों के बारे में जो आपको लगता है कि आपको अच्छा बनने के लिए करने पड़ेंगे।
समझ लें कि वास्तविकता में दयालु और समझने वाला बनना सिद्धांतो में दिखने जितना आसान नहीं होगा - बस इस पर काम करते रहें।
दूसरों से सम्बंधित उन क्षेत्रों जिनमे आप सुधार चाहते हैं ये वही क्षेत्र हैं जिनमे आप अपनी गलती स्वीकार करना नहीं चाहते; इसीलिए इस बात का सामना करना कि आप गलत या पथभ्रस्ट हो सकतें हैं आपको दूसरों से व्यवहार में बहुत सही रास्ते पर ले जाएगा।
यदि कोई आपसे ऐसी चीज में सहायता माँगता है जो उसे अकेले ही करना चाहिए - कभी मदद ना करें! यह बेईमानी है और यह उस व्यक्ति को सिखाता है कि बेईमानी ठीक है।
Ye all tips yahi Sikh deti hai wo kya
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