Thursday, 2 November 2017

Lakshye ke prati concentration /   लक्ष्य के प्रति एकाग्रता

            Msbigbrother
           लक्ष्य के प्रति एकाग्रता
Lakshye ke prati concentration

दोस्तों आज आप सभी को एक ऐसी Kahani बताने जा रहा हु जो की महाभारत काल से जुडी हुई है तो दोस्तों उस Time कौरवो और पांड्वो के गुरु द्रोणचार्य थे जो सभी राजकुमारों को शिक्षा देते थे

              एक दिन गुरु द्रोणचार्य ने अपने सभी शिष्यों का परीक्षा लेने का मन बनाया और इसके लिए सभी पांड्वो और कौरवो को अपने पास बुलाया और कहा की कल आप सभी की मै परीक्षा लूँगा और देखूंगा की अब तक कौन क्या सिखा, इसके लिए सभी कल सुबह तैयार रहे तो सभी ने आज्ञापूर्वक गुरु की आज्ञा मान ली
अगले दिन सुबह होने सभी राजकुमार गुरु द्रोणचार्य के साथ बगीचे में एकत्रित हुए तो गुरु द्रोणचार्य ने एक पेड़ की डाल पर मिटटी की बनी एक चिड़िया रख दिया और फिर गुरु द्रोणचार्य ने इशारा करते हुए कहा की अब आप सभी राजकुमारो को एक एक करके इस चिड़िया की आख में निशाना लगाना है और जो भी राजकुमार निशाना लगाने में सफल होगा उसे विजयी घोषित किया जायेगा

             इसके बाद गुरु द्रोणचार्य ने एक एक करके सभी राजकुमारों से पुछा की आप सबको क्या दिखाई दे रहा है तो किसी ने कहा की मुझे तो चिड़िया दिखाई दे रही है तो किसी ने कहा की मुझे पेड़ दिखाई दे रहा है और किसी ने कहा की मुझे पेड़ पर चिड़िया और पूरा आकाश भी दिखाई दे रहा है तो किसी ने कहा की मुझे पेड़ और पत्ते दिखाई दे रहे है ऐसे करके सबने कुछ न कुछ बताया लेकिन पांडव राकुमार अर्जुन के कोई उत्तर नही दिया था

               लेकिन गुरु द्रोणचार्य किसी के उत्तर से प्रसन्न दिखाई नही दे रहे थे और तब गुरु द्रोणचार्य ने अर्जुन से पूछा की सबने कुछ न कुछ बताया लेकिन अर्जुन तुमने कोई उत्तर नही दिया क्या तुम्हे कुछ दिखायी नही दिया तो अर्जुन तुरंत बोल पड़े की हे गुरुदेव मुझे क्षमा करना क्यू की मुझे तो बस चिड़िया की आँख दिखाई दे रही है

               अर्जुन का ये उत्तर सुनकर गुरु द्रोणचार्य अति प्रसन्न हुए और अर्जुन को निशाना लगाने को कहा फिर क्या था अर्जुन ने तुरंत चिड़िया की आँख में निशाना लगा दिया और निशाना एकदम सटीक था जिसके कारण अब चिड़िया की आख में निशाना लग चूका था

            जिसके बाद गुरु द्रोणचार्य प्रसन्न होकर अर्जुन को गले लगा लिया और विजयी घोषित किया और सभी राजकुमारों को समझाया की हमने शुरू में ही कहा था की चिड़िया की आँख में निशाना लगाना है तो सबको चिड़िया की आँख पर ही ध्यान देना चाहिए लेकिन सबने अपना ध्यान कही और लगा लिया इसलिए सभी अपने लक्ष्य से चुक गये इसलिए सबको हमेसा अपने लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए तभी आप विजयी होंगे .

             तो देखा दोस्तों किस प्रकार सभी राजकुमारों ने अपना ध्यान ध्यान कहा कहा लगा दिया जिसके चलते वे अपने बताये गये लक्ष्य को भी ना पा सके ऐसा हम सबके साथ होता है की हम जानते है की हमे क्या करना है या हमे अपनी life में क्या हासिल करना है लेकिन अपना ध्यान कभी भी अपने लक्ष्य पर केन्द्रित नही कर पाते है जिसके कारण हम अपने लक्ष्य को जानते हुए भी अक्सर भूल जाते है

             दोस्तों जब भी हम कभी अपने life में कोई काम करना जाते है या कर रहे होते है अक्सर जिस काम में हम लगे हुए होते है उससे संतुस्ट नही होते है जिसके कारण हम अपना सारा ध्यान उस पर नही लगा पाते है अक्सर देखा जाता है की यदि हम किसी भी कार्य में लगे हुए है और यदि हमारे आस पास कोई सफल व्यक्ति आ जाये या कोई व्यक्ति जो की अपने work मे success है तो हम उनसे तुरंत inspire हो जाते है और हम अपना ध्यान उस जैसा व्यक्ति बनने में लगा देते है जिसके कारण हमारा ध्यान तो अब अपने कामो में उतना नही लगता है जिसके कारण हम अपने कर रहे कार्यो में भी success नही हो पाते है और दुसरो के कामो में शायद एकदम नही क्यू की हम उन कामो में अभी बस शुरुआत किये हुए है

           एकाग्रता का महत्व –

jiwan me eke Lakshye banaye
Usi ke anurup ji jan lagakar success ho or apane life aandmaye banaye

All the west!
All is well!

1 comment:

  1. very life me use hone vali bat hai
    brother isake or aage badaye thnk u

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